फोन मेनिया’नुकसानदेह है,निजी जिंदगी के लिए

हर पल मोबाइल पर रहना आप की निजी जिंदगी को नुकसान पहुंचा रहा है, जानिए जरूर.क्या आप पूरे दिन में 12 घंटे से ज्यादा फोन के साथ बिताते हैं ? क्या आपकी सुबह व्हाट्सऐप या फेसबुक के साथ शुरू होती है ?  अगर आप की ऐसी आदत है तो उसे जल्द से जल्द बदल लीजिए, क्योंकि अगर आप इसी तरह सोशल नैटवर्किंग साइट्स पर ज्यादा समय बिताते हैं तो आप गंभीर बीमारियों के शिकार बन सकते हैं. मसलन, अगर आप फेसबुक, ट्विटर या व्हाट्सऐप पर सारा दिन समय बिताते हैं, तो आप को डिप्रैशन, बैक प्रौब्लम, आंखों में परेशानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है.

आइए, आप को सोशल नैटवर्किंग के फायदे और नुकसान से रूबरू करवाते हैं. शुरुआत फायदे से करते हैं:

आसानी की लत

फेसबुक हो या फिर व्हाट्सऐप या इसी तरह का अन्य कोई सोशल मीडिया हो, इस ने लोगों को एकदूसरे के काफी करीब ला दिया है. अगर आप का कोई दोस्त या फिर रिश्तेदार विदेश में  रहता है तो आप फेसबुक या फिर दूसरे नैटवर्किंग साइट्स के जरीए उस से बातचीत कर सकते हैं, हालचाल पूछ सकते हैं.इस में कोई अतिरिक्त खर्चा भी नहीं होता है.

व्यवसाय के लिए फायदेमंद हैं नैटवर्किंग साइट्स

आजकल यह ट्रैंड काफी ज्यादा बढ़ रहा है. व्यवसायी अपने उत्पाद की डिटेल , पर डाल देते हैं या फेसबुक पर अपना पेज बना लेते हैं. अगर किसी को प्रोडक्ट पसंद आता है तो वह उसे खरीद लेता है, जिस का फायदा बिजनैसमैन को मिलता है. अगर इस प्रकार की सोशल नैटवर्किंग साइट्स का प्रयोग सोचसमझ कर  किया जाए तो इस से काफी लाभ  भी हो सकता है. कई बड़ी कंपनियां आजकल फेसबुक या फिर ट्विटर पर विज्ञापन के जरीए अपने व्यवसाय को बढ़ा रही हैं.

जानकारी साझा करने की जगह

यदि आप किसी भी तरह की जानकारी या  कोई बात लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं तो सोशल नैटवर्किंग आप के लिए सबसे बेहतर मीडिया हो सकता है. आजकल लोग किसी तरह की परेशानी या फिर कोई बात लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं तो सोशल नैटवर्किंग साइट पर डाल देते हैं, इस पर आपको लोगों से तुरंत प्रतिक्रियाएं भी मिल जाती हैं.

लेकिन सिर्फ फायदे ही  नहीं हैं नैटवर्किंग साइट्स के इन के कुछ नुकसान भी हैं. आइए, अब आप को सोशल नैटवर्किंग साइट्स से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताते हैं.

नहीं रह जाती कोई प्राइवेसी

अभी कुछ समय पूर्व गूगल के मुख्य अधिकारी सुन्दर पिचाई ने अमरीका की संसद में स्वीकार किया की गूगल प्रयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति की कोई प्राइवेसी नहीं रहती है एक बार गूगल शुरू होने पर वह यूजर की लोकेशन ट्रैप करने लगता है उसकी सभी गतिविधियों की पूरी जानकारी गूगल के पास रहती है लोग सुबह उठते ही फोन का चेहरा देखते हैं. दिन भर फोन पर बतियाने के बावजूद रात को भी फोन पर लगे रहते हैं. कभी फेसबुक चैक करते हैं तो कभी व्हाट्सऐप. सोशल नैटवर्किंग साइट पर कभी स्टेटस डालते हैं तो कभी अपनी कोई जानकारी अथवा फोटो, जिस से सोशल नैटवर्किंग साइट्स पर हमारी कोई प्राइवेसी नहीं रह जाती. कोई भी, कभी भी हमारे बारे में सर्च कर सकता है. जैसे, हम क्या करते हैं? कहां रहते हैं? कौनकौन हमारे करीब है? क्या यह सही है ? खुद सोचिए और तय कीजिए, क्या नैटवर्किंग साइट्स पर इतनी जानकारी डालना उचित है?

बीमारियों को आमंत्रण

एक रिसर्च के मुताबिक , का इस्तेमाल करने वाले कम से कम 16-17 घंटे उसी में बिताते हैं. रात के अंधेरे में फोन पर चैट करते हैं. हर वक्त ऑन लाइन रहते हैं. कम से कम हर 10 से 15 मिनट में अपना फोन बारबार चैक करते रहते हैं, जिस से आंखें खराब हो सकती हैं. अंधेरे में जब फोन का इस्तेमाल करते हैं तो हमारे देखने की क्षमता कम हो जाती है. पूरा दिन सिस्टम पर फेसबुक खोल कर बैठे रहने या स्काइप पर वीडियो चैट करते रहने से रीढ़ की हड्डी में दर्द रहने लगता है. लगातार फोन का इस्तेमाल कर के डिप्रैशन के शिकार भी हो सकते हैं.

वक्त की बरबादी

अक्सर यूजर अपना जरूरी काम छोड़ कर फोन पर मैसेज चैक करने लग जाते हैं. मैसेज चैक करतेकरते कब लंबी चैट हो जाती है, इस का पता भी नहीं चलता. इस से सिर्फ वक्त की बरबादी होती है. लिहाजा फोन को कम वक्त दें.

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बिगड़ रहे हैं बच्चे

पहले बच्चे फुर्सत के समय में रचनात्मक कार्य करते थे. दोस्तों के साथ शाम को खेलते थे. लेकिन अब बच्चे अपने में सिमट रहे हैं. उन के पास किसी के लिए वक्त ही नहीं है. इस की सब से बड़ी वजह है वे मांबाप, जो वक्त से पहले ही बच्चों को उनकी आवश्यकता से ज्यादा मुहैया करा देते हैं.

लैपटौप, महंगे फोन मिलने से बच्चे पूरा दिन उन्हीं में लगे रहते हैं. फोन या लैपटौप पर पोर्न मूवीज देखने लगते हैं, जिस के दुष्परिणाम जल्द ही सामने आने लगते हैं.

कैसे करें सही इस्तेमाल—-

– बारबार फोन चैक न करें.

– कम से कम करें फोन इस्तेमाल.

– हर वक्त ऑन लाइन न रहें .

– पहले जरूरी काम निबटाएं.

– अपनों को वक्त दें, बजाय काल्पनिक दोस्तों के साथ बतियाने में समय बरबाद करने के.

– हर चीज फेसबुक पर न डालें.

– निजी चीजों को सोशल नैटवर्किंग साइट से दूर ही रखें.

 

 

 

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