महक प्रवाह–नए संकल्प, नई यात्रा

प्रिय पाठकों ,

वर्ष 2018 का आज आखिरी दिन है यानी कि वर्ष का आखिरी दिन.

ये आखिरी दिन क्या है ? क्या पृथ्वी चलते चलते थम गई है ? या फिर सूर्य – चन्द्रमा ने अपना रंग बदल लिया है ? आसमान कहीं नीचे उतर आया है ? जब ये सब नहीं तो इतना शोर क्यों है ?  कुछ नीरस सी आवाजें भी इस शोर गुल में आतीं हैं कि ये सब तो दिखावा है !

शायद नहीं ! ये उत्सव आज से नहीं रंग बदल बदल कर हर काल में आता रहा है जीवन एक अनंत की ओर चलने वाली यात्रा है चलते चलते इस यात्रा में कभी कभी थकान, सूनापन, नीरसता भी घिर आती है ये उत्सव ही तो है जो मनुष्य की इस अनंत यात्रा को ऊर्जा प्रदान करता है उसे बताता है राही तू इतनी यात्रा कर चुका है पीछे मुड़ कर देख इस यात्रा में तूने क्या पाया, क्या खोया है? कहाँ तेरी मंज़िल है और तू जा कहाँ रहा है? सभ्य समाज को उसकी सभ्यता की यात्रा दिखाता है.

इस अनंत यात्रा का एक पड़ाव बन जाता ये वर्ष उत्सव जहां वक़्त  नहीं रूकता, लेकिन जीवन एक पल थमता है, अपनी उपलब्धियों को निहारता है ! फिर पूरे जोश से आगे बढ़ने के अपने संकल्प को दोहराता है और चल पड़ता है इस तरह जैसे जीवन अभी नवांकुर हो.

कोई भविष्यफल नहीं, कोई ज्योतिष नहीं, अपने नए वर्ष का भविष्यद्रष्टा स्वयं बनिए. सिर्फ प्रेम और अखंड सत्य ही ब्रह्माण्ड की गति के निर्धारक हैं उनका हाथ थामिए और चलते रहिये इस अनोखी, अनंत यात्रा के साक्षी भी आप, यात्री भी आप.

नए वर्ष में महक को आपका स्नेह सतत मिलता रहेगा इसी उम्मीद के साथ एवं नया वर्ष आपके जीवन में खुशियां लाये इस कामना के साथ ,

किरन संजीव

4 thoughts on “महक प्रवाह–नए संकल्प, नई यात्रा

  • December 31, 2018 at 4:06 pm
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    Touched by u r words … “कोई भविष्यफल नहीं, कोई ज्योतिष नहीं, अपने नए वर्ष का भविष्यद्रष्टा स्वयं बनिए”… 👌👌👌..

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    • January 22, 2019 at 4:55 pm
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      ऐसी तरह अपने सुझाव हमे देता रहे , प्रोत्साहित करते है कुछ सार्थक लिखने को , धन्यवाद्

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  • December 31, 2018 at 4:33 pm
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    बहुत ही उत्तम विचार।नया साल नए जोश का प्रतीक है।जो यात्राएँ हो चुकी है,और जो आगे होने वाली है उसे हमे क्या नया सीखना है,उसमे क्या नया जोर्डना एवं घटाना है इस बात का संकेत देता है।कहने को तो सिर्फ़ तारीके बदलने वाली है,लेकिन जीवन मे विद्यार्थी बने हम लोगो को हर छंद कुछ नया सीखना है।

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    • January 22, 2019 at 4:54 pm
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      ऐसी तरह अपने सुझाव हमे देता रहे , प्रोत्साहित करते है कुछ सार्थक लिखने को , धन्यवाद्

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