नए साल में किट्टी पार्टी का नया अंदाज़

अपनी किट्टी पार्टी को नए अंदाज में आयोजित  करना  चाहती हैं, तो कुछ सुझाव आप के लिए ही हैं…

किट्टी पार्टी का नाम आते ही जेहन में गृहिणियों की गोष्ठी का चित्र सामने आ जाता है. हंसी ठिठोली, गपशप, चुगलियां करती, बनीसंवरी,  नई नई खानेपीने की सामग्री,घर की साजसज्जा व क्रॉकरी का दिखावा करती गृहिणियां. लेकिन अब किट्टी पार्टियों की रूपरेखा भी बदल रही है. अब सभी किट्टी पार्टी एक जैसी नहीं होती, बल्कि अलग अलग तरीकों से अपनी किट्टी आयोजित करते हैं, तो फिर देर किस बात की है? नए वर्ष  में आप भी बदल डालिए अपनी किट्टी का रंग रूप और उसे दे डालिए नया लुक.

 

 थीम पार्टी

अब हमारे समाज में विदेशी त्योहार भी उसी धूम से बनाए जाने लगे हैं जैसे हिन्दुस्तानी त्योहार जैसे कि वैलेंटाइन डे या हैलोवीन. वैलेंटाइन डे के दौरान लाल रंग का ड्रैसकोड, गुब्बारे या फिर दिल के आकार की सजावट की जा सकती है.

सूरत की एक सोसाइटी की महिलाओं ने किट्टी का थीम रखा‘ हैलोवीन और सभी महिलाएं तरह तरह के मुखोटे लगा कर तैयार हो कर आईं. मुंबई की एक किटी में महिलाओं ने अपनी किट्टी का थीम रखा ‘मुगल’. सभी महिलाएं कामदार, अनारकली सूट पहन कर आईं. मेजबान ने मुगल जमाने की तरह ही अपनी बैठक को सजाया और शेर शायरी का माहौल बनाया.

 

पुणे की एक किट्टी की सदस्याओं ने यह निर्णय लिया कि वे हर बार अलग राज्य की भांति तैयार होंगी और उस राज्य की खास बातें एक दूसरे से बांटेंगी जैसे उस राज्य का इतिहास, वहां का खास भोजन, वहां के खास दर्शनीय स्थल, वहां का नृत्य इत्यादि और जो कोई महिला उस राज्य में घूमने गई हो, वह वहां खींची गई तसवीरें भी सब को दिखाएगी. इनके अतिरिक्त और भी कई आकर्षक थीम हो सकती हैं. मसलन, रैट्रो लुक अर्थात पुराने समय की हीरोइनों की तरह तैयार हो कर आना या फिर डिस्को लुक, जिस में आप अपने माथे पर सुनहरी डोरी बांध, चमचमाते कपड़े पहन ठुमक सकती हैं. कभी विशेष ड्रेस पर आधारित थीम भी रख सकती हैं मसलन स्कर्ट या फिर इंडो वेस्टर्न.

किट्टी की सभी सदस्याओं की राय लीजिए और हर बार अलग अंदाज में किट्टी पार्टी करिए.

किट्टी के बहाने खोजिए नए वेन्यू

अधिकतर किट्टी पार्टी का समय दोपहर या तीसरे पहर का होता है. सदस्याएं भी कई होती हैं. सभी महिलाएं संग मिल कर हर बार नई जगह जा सकती हैं. इस बहाने आप अपने शहर की नई जगह या नए रेस्तरां जा पाएंगी. इस तरह जीवन में मेलमिलाप के साथ नई जगह घूमने का आनंद भी जुड़ जाएगा. नीता की किट्टी कभी आधुनिक सोच के चलते रेस्तरां चल देती है तो कभी शुद्ध शाकाहारी भोजन करने आंध्रा भवन. जिस की किट्टी पार्टी आयोजित करने की बारी होती है, उस की इच्छानुसार ही जगह और थीम को निश्चित किया जाता है.

मास्टर शैफ या दिलदार मेजबान

किसी महिला को खाना बनाने और नित नए ढंग से सजा कर खिलाने में आनंद आता है, तो किसी को बना बनाया मिल जाए तो उस की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. नई दिल्ली की शेफाली स्वयं को मास्टर शैफ कहलाना पसंद करती है और उस की सहेलियां खुशी खुशी उसे यह पदवी देती हैं. शेफाली अपनी बारी आने पर किट्टी पार्टी अपने घर में ही रखती है और विभिन्न पकवान बना कर सब का दिल जीत लेती है. दूसरी तरफ उसी की किट्टी की मानसी है, जिसे खाना बनाने के नाम से भी चिढ़ होती है.

‘‘सारा दिन घर में सब के लिए इतना खाना बनाती हूं कि किट्टी की मेरी बारी आते ही मुझे बाहर जाने का बहाना दिखाई देने लगता है,’’ मानसी कहती हैं.

मानसी अपनी सभी सहेलियों को किसी न किसी रेस्तरां ले जा कर मनचाहे व्यंजन खिला कर लाती है. बड़ी उम्र की महिलाएं भी सुविधा के कारण किसी रेस्तरां जाना पसंद करती हैं.

 

                                                                                                                    

नए खेलों से करें मनोरंजन

किट्टी में अंत्याक्षरी, तंबोला या हाउज़ी  जैसे खेलों से मन भर गया हो तो अन्य नए खेलों को भी अवसर दीजिए. सभी सदस्याओं को अपने सब से फैशनपरस्त परिधान पहन कर आने को बोलिए और एक रैंप वॉक रखिए या फिर यदि किसी के पास कैरिओके का सामान है तो कैरिओके का लुत्फ उठाएं. बच्चों के खेल जैसे लूडो, सांपसीढ़ी या फिर ऊनो में भी बहुत आनंद आता है.

 

                                                                       

व्हाट्सअप भी किटी में

आजकल व्हाट्सअप और सोशल मीडिया पर तरह तरह के जोक और कविताएं आती हैं उन्हें पढ़ें और हंसें जी भर कर हंसिए और 4 घंटों में तरोताजा हो जाइए.

केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, प्रेरणा प्रोत्साहन भी

अकसर देखा जाता है कि महिलाओं को आपसी प्रतिस्पर्धा और जलन से जोड़ा जाता है. किंतु आजकल की महिलाएं एकदूसरे की मदद करना चाहती हैं, जिस किसी में आत्मविश्वास की कमी हो, उसे ऊपर उठाना चाहती हैं. अपनी सखी का मेकओवर कर के उसे भी स्मार्ट बनाना चाहती हैं. किट्टी पार्टी में मिल कर महिलाएं एकदूसरे को प्रोत्साहित करती हैं, कुछ नया करने हेतु प्रेरणा देती हैं.

माया बताती हैं कि उन का वजन बढ़ने पर उन की किट्टी की सहेली ने उन्हें अपने साथ सुबह व शाम सैर पर ले जाना शुरू किया. इसी तरह लेखन की शौकीन प्रिया का अपनी कविताएं सुनाने का पहला मंच अपनी किट्टी से ही मिला.

तो आप भी इस नए वर्ष में अपनी किटी को नए अंदाज़ में आयोजित कीजिये और किट्टी डे को यादगार दिन बनाइये.

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