गांधी फिल्मों में

 

                                गांधी फिल्मों में

मोहनदास करमचंद गांधी, एक नाम जो भारत की आजादी की लड़ाई का पर्याय बन गया है, एक ऐसा व्यक्ति है जो अन्याय से लड़ने के अपने अपरंपरागत तरीकों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है.  ‘अहिंसा’ से लेकर ‘सत्याग्रह’ तक, गांधीवादी तकनीकों का दुनिया भर के नेताओं द्वारा अनुसरण किया जाता है.  महात्मा गांधी की विचारधारा कई बॉलीवुड फिल्मों का हिस्सा रही है.  अहिंसा और धार्मिक शांति के उनके विचारों ने कई फिल्म निर्माताओं को प्रेरित किया है.  फिल्मों के द्वारा उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को चित्रित किया गया है.  एक फिल्म में स्वतंत्रता सेनानी को एक पिता और एक पारिवारिक व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है, जबकि एक अन्य है जहां उन्हें एक दोस्त की तरह एक व्यक्ति को सुझाव देते देखा जा सकता है हम यहां ऐसी कुछ फिल्मों पर नज़र डालेंगे –

1. गांधी (1982): एक गैर-भारतीय द्वारा बनाए जाने के बावजूद, यह संभवतः गांधी पर बनी सबसे प्रतिष्ठित फिल्म है. रिचर्ड एटनबरो द्वारा निर्देशित और बेन किंग्सले द्वारा अभिनीत जिस के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जायगा , फिल्म बताती है कि गांधी, भारत के अहिंसा, असहयोग आंदोलन के नेता कैसे बने, उनकी यह यात्रा दक्षिण अफ्रीका में अपमान और भेदभाव के साथ शुरू होती है किस प्रकार गाँधी एक पूरे देश की आत्मा से जुड़ जाते हैं और किस तरह वे देश में बिना किसी चुनाव के सर्वमान्य नेता बन जाते हैं और देश की स्वतंत्रता को वे किस नज़रिये से देखते हैं. फिल्म ने अलग अलग कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिबद्धता के लिए 8 ऑस्कर अवार्ड जीत कर दुनिया भर में गांधी के सिद्धांतों को स्थापित किया.

2. गांधी माई फादर: निर्माता अनिल कपूर और निर्देशक फ़िरोज़ अब्बास ख़ान ने गाँधी के बजाय गाँधी के पारिवारिक जीवन पर प्रकाश डाला है. गांधी के राजनीतिक करियर को एक कैनवास के रूप में इस्तेमाल करते हुए, यह फिल्म उनके पुत्र हरि गांधी के साथ उनके जटिल और तनावपूर्ण संबंधों की तस्वीर पेश करती है.  महात्मा गांधी के राजनीतिक जीवन के बारे में बात करने के बजाय,  फिल्म उनके व्यक्तिगत संबंधों पर ध्यान केंद्रित करती है.

3.लगे रहो मुन्ना भाई : फिल्म समकालीन परिस्थितियों में गांधीवादी मूल्यों की बात करती है. फिल्म महात्मा गांधी के गुणों और मूल्यों के इर्द-गिर्द घूमती है.  इस फिल्म ने गांधी के सिद्धांतों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया और उन्हें आज दुनिया में कैसे शामिल किया जा सकता है साथ ही उनका जीवन में क्या महत्व  है इसको हास्य और मनोरंजन के साथ बखूबी पेश किया और गांधी के सिद्धांतों को एक नया नाम “गाँधीगिरी” दिया.

4.द मेकिंग ऑफ महात्मा: औपनिवेशिक दक्षिण अफ्रीका में सत्य और अहिंसा के साथ गांधी के प्रयोगों के बारे में बात करती है. यह फिल्म भारत और दक्षिण अफ्रीका में निर्मित की गई थी. फिल्म फातिमा मीर की पुस्तक पर आधारित है और भारत के प्रतिष्ठित निर्देशकों में से एक श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित की गई है.  फिल्म गांधी से महात्मा बनने की उनकी यात्रा और उस यात्रा के दौरान हुए उनके वैचारिक बदलावों की बात करती है. फिल्म दक्षिण अफ्रीका में गांधी के २१ वर्ष के जीवन का एक दस्तावेज है , फिल्म में गांधी शोषित असहाय मजदूरों के लिए खड़े हैं और उनके अधिकारों के बारे में उनमें जागरूकता का निर्माण करते हैं.

5. हे ! राम: यह कमल हासन की फिल्म है जो कि आम आदमी पर आधारित है किस प्रकार उसका रोज़मर्रा का जीवन गांधी से प्रभावित है. साथ ही साथ वह गांधी विचारधारा के विपरीत धर्म के लिए प्रेम से भी घृणा करने लगता है.

गांधी की कुछ ऐसी फिल्मों की बात हम अगले अंक में करेंगे जो प्रत्यक्ष रूप से गांधी की बात न करके उनके विचारों और सिद्धांतों पर आधारित थी.

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