3 तलाक! तलाक! तलाक!

3 तलाक! तलाक! तलाक!
3 तलाक! तलाक! तलाक!

ट्रिपल तलाक मुस्लिम महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन  करता है और साथ ही उन्हे इस मनमाने अपरिवर्तनीय तलाक के  अधीन करता है. जस्टिस जोसेफ, नरीमन, ललित के अनुसार ट्रिपल तलाक मुस्लिम महिलाओं के मौलिक अधिकार का हिस्सा है.ये अनुच्छेद २५ के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे में है चीफ जस्टिस खेहर ,जस्टिस नज़ीर

अब आगे क्या


६ महीने में कानून नहीं बना तो तीन तलाक पर कोर्ट का यही आदेश जारी रहेगा। जो रोक ६ महीने के लिए है , वो कानून नहीं बन पाने की स्थिति में भी जारी रहेगी।

एक थी शाह बानो


तलाक के बाद अपने हक़ की लड़ाई  लड़ने वाली इस महिला को जब राजीव गांधी  कांग्रेस सरकार ने SC से मिली जीत को  हार में  बदल दिया था  1980 में मुस्लिम समाज के लगभग सारे पुरुष शाहबानो की अपील के खिलाफ थे। इसी का ख्याल करते हुए तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने 1986 में मुस्लिम महिला अधिनियम पारित कर दिया। इसके आधार पर शाहबानो के पक्ष में सुनाया गया फैसला कोर्ट ने पलट दिया। माना जाता है कि कांग्रेस ने ऐसा मुस्लिम धर्मगुरुओं  के दबाव में किया गया।

पंच परमेश्वर


5 धर्म के जजों ने दिया फैसला जो की सभी अलग अलग धर्मो से तालुक रखते है।

1.चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया जेस खेहर जो सिख समुदाय से है
2. जस्टिस कुरियन जोकि क्रिश्चिन समुदाय से है
3.जस्टिस नरीमन जो की पारसी समुदाय से है
5. जस्टिस उदय उमेश ललित जो की हिन्दू समुदाय से है
6. जस्टिस अब्दुल नज़ीर जो की मुस्लिम समुदाय से है

3 तलाक कैसे कैसे


 वाट्रसएप पर तलाक हेदराबाद में रहेने वाली एक महिला को अमेरिका में रहेने वाला पति ने  वाट्रसएप पैर तलक भेज दिया और मेसेज में लिखा था तलाक, तलाक, तलाक यह तुम्हारा बर्थ डे गिफ्ट है.

स्पीड पोस्ट से तलाक जयपुर की  आफरीन को सप्पेद पोस्ट से तलाकनामा भेज दिया जिसको आफरीन ने चुनोती दी

विज्ञापन देकर दिया तलाक सऊदी में रहनेवाला एक पति ने अख़बार में  विज्ञापन दे कर अपनी ही हेदराबाद में रहने वाली पत्नी को  तीन तलाक दे दिया था

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