सास से सासू माँ


जब बारी सास बनने की हो तो कुछ बातों का ख्याल रखकर आप बहू को अपने घर संसार का अभिन्न अंग बना सकती हैं और उसके लिए स्वयं को सास से सासू माँ – सरला गुप्ता

आदर्श भारतीय परिवार की पहचान है गृह संचालन घर की मुख्य महिला के हाथों में होना. इससे उस घर में जहां एक तरफ महिलाओं के आत्मसम्मान, मर्यादा की रक्षा होती है वहीं महिलाओं को, उनके कार्यों को सम्मान की द्रष्टि से देखा जाता है. कहा जा सकता है की एक घर की खुशियाँ उस घर की मुख्य महिला पर निर्भर होती हैं

· सगाई और विवाह के मध्य उससे फोन पर संपर्क रखें उसे अपने घर के तरीके न बताकर उसके स्वभाव और इच्छाओं को जानने की कोशिश करें .

· विवाह की दुल्हन से संबन्धित खरीदारी में उसे साथ रखें. खरीदारी के दौरान वैवाहिक रस्मों के सामान के अतिरिक्त कुछ छोटे मोटे तोहफे, कपड़े वगैरह भी उसे दिला सकती हैं विवाह के उपरांत घर में आने पर उसे कोई यादगार उपहार अवश्य दें.

· बहू के जन्मदिन,वैवाहिक वर्षगांठ या उसकी किसी उपलब्धि पर उसे उपहार अवश्य दें.

· बहू के मायके जाने के अवसर पर उसके परिवार के सदस्यों के लिये भी उपहार अवश्य दें, इससे बहू के मन में आपके लिए अपनापन बढ़ेगा.

· बहू से वैसा व्यवहार करें , जैसा आप जब बहू थीं और अपनी सास से चाहती थीं बहू को अपशब्दों से संबोधित न करें, न ही व्यंग करें.

· बहू को ममतामयी आवाज़ से पुकारें, चाहें तो बहू का निजी नाम भी रख सकती हैं. घर के छोटे सदस्यों या आपकी बेटी को बहू को डांटने या सुनाने का अधिकार न दें.

· बहू के कामकाज में गलती न निकालें यदि कुछ गलत हो भी जाए तो उसके माता पिता को न कोसें बल्कि उसे प्यार से समझा दें.

· बहू के मायके से लायी हुई कोई वस्तु किसी को भी न दें. यदि दें भी तो बहू से पूछकर या उसे बताकर .

· तीज त्योहारों पर बहू को उपहार अवश्य दें, बहू बेटों पर कभी खाने पीने या पहनने ओढ़ने या फिर घूमने फिरने पर किसी प्रकार की रोक टोक न लगाएँ .

· बहू के मनमर्जी खाने पीने पर अवश्य ध्यान दें उसके मायके का खानपान अलग तरीके का हो सकता है इस बात का ख्याल रखें जैसे कद्दू की सब्जी उसके मायके मेँ सादी खाई जाती है और आपके यहाँ खट्टी मीठी, ऐसे में आप कहें बेटा , अपने लिया सादा सब्जी निकालकर बाकी सब्जी को खट्टा मीठा बना लो .

· जब बहू आपके साथ बाज़ार जाए तो उसे मनपसंद चीज़ अवश्य खिलायें या दिलाएँ जब आप अपने लिए या अपनी बेटी के लिए कुछ कपड़े खरीदें तब उसके लिए भी खरीद लें. अपनी सामान्य सूझ बूझ और व्यवहार से आप सास से सासू माँ बन सकतीं हैं

सरला गुप्ता (कोटा ,तलवंडी)

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