वैडिंग फोटोग्राफी


आज से ६०-७० वर्ष पूर्व ब्लैक एंड व्हाइट फोटो का का चलन था. इसके बाद रंगीन फोटोग्राफी आई इनमें रोल वाले कैमरे होते थे जिनमें १०-१२ दिन के बाद पता लगता था कि कैसे फोटो आए हैं. इसके बाद वीएचएस कैमरा आया जो स्टिल फोटोग्राफी की दुनिया से एक कदम आगे बढक़र आम लोगों को चलती फिरती वीडियो उपलब्ध कराने लगे. इसके बाद आए डिजिटल कैमरे जिनमें तुरंत ही फोटो दिख जाते थे. डिजिटल का एक फायदा ये भी है फोटोज पर पोस्ट प्रोसेसिंग किया जा सकता है.

वैडिंग फोटोग्राफी
वैडिंग फोटोग्राफी


विवाह के पलों की स्मृतियां केवल वैवाहिक जोड़े के लिए ही नहीं वरन पूरे परिवार के लिए यादागर होती है. इन लम्हों को कैमरे में कैद करके सुरक्षित रखना काफी पुराना शौक है. इसमें समय समय पर बदलाव आते रहे हैं. जोकि तकनीकी और सोच के साथ बदलते हैं.लेकिन आजकल डीएसएलआर कैमरे के दिन हैं और ट्रेंड में है कैंडिड फोटाग्राफी.


क्या होती है कैंडिड फोटोग्राफी?

कैंडिड फोटोग्राफी
कैंडिड फोटोग्राफी

किसी फिल्म की हीरोइन की तरह दुल्हन और हीरो की तरह दूल्हे को कैमरे में कैद करने का अंदाज यानि कैंडिड फोटोग्राफी. कैंडिड फोटो ग्राफी में लाइट, कैमरा तो होता है लेकिन एक्शन कोई नहीं बोलता, स्माइल प्लीज भी नहीं. कैंडिड फोटोग्राफी में बनावटी कुछ नहीं है जिसमें खड़ा किया, पोज दिया और फिर फोटो खींची गई. नेचुरल अंदाज में जो जैसा चल रहा है, हो रहा है, वैसा ही खींचा जाता है. कैंडिड फोटोग्राफी में फ्लैश का उपयेाग नहीं किया जाता क्योंकि फ्लैश के चमकते ही लोग चौकन्ने हो जाते हैं और नेचुरल स्नेप बिखर जाता है. कैंडिड फोटोग्राफी में फोकसिंग का काफी ध्यान रखा जाता है. सब्जेक्ट को ही फोकस किया जाता है जिससे पीछे की चीजें धुंधली रहती हैं और मुख्य सब्जेक्ट उभरकर आता है. हाथ, पैर, फूल, वरमाला, सिंदूर की डिबिया, गठबंधन, आरती के थाल, हल्दी, गहने और दूसरे वैवाहिक ऑब्जेक्ट को फोकस करके पिक्चर में ऑर्ट लाने की कोशिश की जाती है. चेहरे की फोटो लेते समय भी एक्सप्रेशन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. शादी की खुशी से लेकर विदाई के गम तक में चेहरे के भाव शूट करके यूनिक वेडिंग प्रोफाइल बनाना सबसे ज्यादा ट्रेंड में है.

कैंडिड फोटोग्राफी में किस प्रकार का कैमरा इस्तेमाल होता है?
कैंडिड फोटोग्राफी में महंगे डीएसएलआर कैमरे प्रयोग होते हैं जिनकी कीमत ४५००० से लेकर २.५ लाख जितनी होती है. इसके अलावा कुछ खास प्रकार के लैंस जिनकी कीमत २५००० से ले कर १.५ लाख तक होती है उनका उपयोग किया जाता है. नए फोटोग्राफर बेसिक डीएसएलआर प्रयेाग करते हैं जबकि अनुभवी कैनन ५ डी मार्क ३ जैसे फुल फ्रेम कैमरा प्रयोग करते हैं जो काफी रिजॉल्यूशन के साथ साथ बेहतरीन डिटेल्स शूट करते हैं.

शॉर्ट मूवीज का है लेटेस्ट ट्रेंड

अब वैडिंग वीडियोज मानो बीते जमाने की बात हो गए हैं. वैडिंग वीडियोग्राफी में भी काफी चेंज आया है. आजकल शॉर्ट वैडिंग मूवीज का काफी क्रेज है. हर एक व्यक्ति के पास टाइम की बेहद कमी है. ऐसे में लंबी लंबी वैडिंग वीडियोज कम ही लोग पसंद करते हें. शॉर्ट मूवीज में सिर्फ ६-१५ मिनट में विवाह के सारे उत्सव जैसे की रिंग सेरेमनी, संगीत, मेहंदी और वेडिंग कवर किए जाते हैं. शॉर्ट मूवी बिल्कुल फिल्मों वाला एहसास कराते हैं. शॅार्ट मूवी में खास स्लो मोशन वीडियो शूट काफी पसंद किए जा रहे हैं. जो फुल एचडी कैमरों से शूट किए जाते हैं, यह ट्रेंड विदेशों में काफी पॉपुलर है.
शॉर्ट मूवी का यह ट्रेंड इतना पॉपुलर हो रहा है कि अब कई सारे लोग अपनी घंटों लंबी वैडिंग वीडियोज को एडिट कराकर शॉर्ट मूवी में कन्वर्ट करा रहे हैं.
अगर आप अपनी वैडिंग को अनोखा बनाना चाहते हैं तो यह चयन भी मौजूद है.

प्री वैडिंग शूट

प्री वैडिंग शूट

प्री वैडिंग शूट

प्री वैडिंग शूट में शादी से पहले वर वधू का फोटो शूट किया जाता है. प्री वैडिंग शूट के फोटोज का उपयोग शादी के इनविटेशन कॉर्ड में और शादी के मंडप की सजावट में किया जाता है. इस प्रकार के शूटस वैडिंग को रॉयल लुक देते हैं.

फोटो बुक

फोटो बुक में वर वधू के बचपन से लेकर वेडिंग तक के फोटोग्राफ्स को डिजिटलाइज करके एक बुक बनाई जाती है. इस बुक में १०-१२ पन्नों में दोनों के बारे में जानकारी दी जाती है जिससे दोनों परिवार के लोग एक दूसरे को जान सकें. फोटो बुक में वर वधू के अलावा उनके माता पिता और भाई बहन के बारे में भी जानकारी दी जाती है. चार गुणा छह, ए फोर, बारïह गुणा अट्ठारह जैसी अलग अलग साइज और हजारों अलग अलग डिजाइन की वेडिंग बुक्स बनाई जाती है.

एरियल फोटोग्राफी


एरियल फोटोग्राफी

एरियल फोटोग्राफी

एरियल फोटोग्राफी स्पेशल ड्रोन से की जाती है जिसमें छोटा मगर शक्तिशाली गो प्रो कैमरा लगा होता है. शादियों में फोटोग्राफी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल दिल्ली, मुंबई जैसे  बड़े शहरों में होता था लेकिन अब ये छोटे शहरों में भी होने लगा है. ड्रोन से तकरीबन ५० फीट ऊपर से फोटोग्राफी की जाती है. ड्रोन के जरिए फोटोग्राफी करने वाले एक फोटोग्राफर का कहना है कि वेडिंग शूट के कुल बजट में से ३० फीसदी तक सिर्फ ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियो पर खर्च किया जा रहा है. अगर आप सेरेमनी के लिए ३० मिनट की मूवी बनवाना चाहते हैं, तो ड्रोन कैमरे से ५ से १० मिनट का फुटेज रिकॅार्ड करते हैं, बाकी थीम से मैच करने के लिए कैमरे से बाकी के शॉटस लेते हैं. इसमें १० से १५ हजार रूपए घंटे तक चार्ज किया जाता है. अगर आप भी अपनी शादी में ड्रोन से फोटो ग्राफी करवाना चाहते हैं तो स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना ना भूलें वरना आपकी शादी में रंग में भंग पड़ सकता है.

तो वैवाहिक उत्सव को यादगार बनाइये आधुनिक फोटोग्राफी करवाकर और वैवाहिक लम्हों को अपनी स्मृतियों में ही नहीं वरन डिजिटल फॉर्म में भी संजोकर रखे हमेशा के लिए.


बस्सार पटेल
(फोटोग्राफ सौजन्य- इंटरनेट)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *