वर्षों से गर्मियों की साथी कुल्फी

वर्षों से गर्मियों की साथी है कुल्फी ,बदलते समय के साथ इसके रूप ,रंग में लगातार बदलाव आते रहे हैं –गरिमा सिंह

 कुल्फी का नाम सुनते ही सूरत वासियों को तुरंत मावा मलाई कुल्फी याद आ जाती है. वर्षों पूर्व दुकान के बाहर मिट्टी के मटके में कुल्फी जमाई जाती थी मिटटी के मटके को ठंडा रखने के लिए पहले उसे बोरे से ढका जाता था जो देखने में अच्छा नहीं लगता था अतः मटके को लाल रंग के कपड़े से ढका जाने लगा इस कुल्फी को मटका कुल्फी के नाम से भी जाना जाता है.
 उस समय जब ग्राहक आता था तो मटके से लोहे का डिब्बा निकालकर कुल्फी को दौने या प्लेट में टुकड़ों में काटकर परसा जाता था उस समय कुल्फी एक ही स्वाद यानि की रबड़ी कुल्फी ही मिलती थी बदलते समय के साथ कुल्फी भी बदलती रही. लोहे के डिब्बों की जगह लोहे की लम्बी खोखली छड़ों जैसी आकृति ने ले ली और कुल्फी लम्बे आकार में मिलने लगी लेकिन स्वाद वही था रबड़ी मलाई कुल्फी का.
फल वाली कुल्फी
 अब दुकानों में आम और संतरे जैसे फलों के अंदर कुल्फी तैयार की जा रही है. इसके लिए बहुत सावधानी से अधपके आम को ऊपर से काटकर अंदर से गुठली निकल ली जाती है गुठली की बची जगह पर कुल्फी भर दी जाती है  इस आम को बंद कर अरारोट के आटे से पैक कर पुनः फ्रीज़र में रख देते हैं. कुल्फी के अच्छी तरह जम जाने पर इसे खाने को दिया जाता है इसे खाते समय फल और कुल्फी के कॉकटेल का स्वाद आता है.

महादेव कुल्फी के विजय कहते हैं उनके यहाँ बीस से ज्यादा स्वाद की कुल्फी मौजूद हैं जो की ग्राम के भाव से बेची जाती हैं. वे बताते हैं आजकल मैंगो  पिस्ता, केसर पिस्ता, ड्राई फ्रूट , अंजीर जैसी कुल्फियां काफी लोकप्रिय हैं लेकिन आज भी सबसे ज्यादा मांग मावा मलाई कुल्फी की ही रहती है.

फलों का स्वाद कुल्फी में
     कुल्फी मुख्य रूप से दूध और मेवे को मिलाकर बनाई जाती है उसे स्वादिष्ट बनाने के लिए फालूदा भी मिलाया जाता है अब कुल्फी रूप बदल रही है कई बड़ी कंपनियां इस क्षेत्र में आ रहीं हैं वे कुल्फी को बॉक्स में जमा कर बाजार में उपलब्ध करा रही हैं यहां तक की कुल्फी के गिफ्ट पैक, फैमिली पैक भी उपलब्ध हैं इस प्रकार के बॉक्स में जमी कुल्फी सेहत के लिए सुरक्षित होती है. भरका देवी कुल्फी के विनोद जी बताते हैं उनके यहाँ की विशेषता पान कुल्फी है जो की खासी लोकप्रिय है उनके यहाँ ताज़े फलों की कुल्फी भी उपलब्ध है.
कुल्फी गर्मी का मुकाबला करने के साथ साथ सेहत का भी ध्यान रखती है ऐसी कुल्फियों को फलों से तैयार किया जाता है न की सिर्फ कृत्रिम खुशबु डालकर इसके लिए जो मिश्रण तैयार किया जाता है उसका ६० % हिस्सा रबड़ी और ४० % ताज़े फलों का बना होता है इस से खाने में ताज़े फलों की ताज़गी और कुल्फी की ठंडक का एहसास होता है. फ्रेश फ्रूट कुल्फी में सभी फलों के स्वाद की कुल्फी उपलब्ध होती है.  


कुल्फी बनाने की विधि

सामग्री — दूध ,इलायची दाने ,पिस्ता ,केसर, शक्कर


कुल्फी तैयार करने के लिए इलायची दानों को दरदरा पीस लें और पिस्ता काट लें, केसर को गुनगुने दूध में डालकर रख दें. इस के बाद दूध को गरम करें तब तक चलाएं , गरम करें जब तक वह रबड़ी न बन जाये . जब दूध एक तिहाई रह जाये तो इसमें चीनी और पिस्ता डाल कर आंच से उतार लें अब इसमें केसर और इलायची डालकर कुल्फी ज़माने वाले साँचों में रखें, ४ से ६ घंटों में आपकी कुल्फी बनकर तैयार है. 

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