राहुल गांधी सोशल मीडिया पर ट्रोल्स का चहेता, नए जननेता




गुजरात में राहुल गांधी के रोड शो और जनसभाओं में उमड़ी भीड़ देखकर लगता है कि लोग  मन की बायत सुनने से ऊब चुके हैं अब कुछ नया और कुछ अलग सुनना चाहते हैं. दक्षिण गुजरात में नवसर्जन यात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को राहुल गांधी का सफर सुबह ९ बजे पारडी से शुरू हुआ. इस दौरान उन्होनें 8 जगह लोगों से संवाद बनाया. पारडी से वह धरमपुर चौकड़ी पहुंचे.यहां से कोसंबा, चिखली चौकड़ी, गणदेवी, बी. आर. फॉर्म नवसारी, नवसारी नगरपालिका परिसर होते हुए रात 8.10 बजे सूरत के वराछा में जलक्रांति मैदान पहुंचे, पाटीदार बाहुल्य क्षेत्र में लम्बे आरसे बाद कांग्रेस की जनसभा हुई जहां हर नेता की जुबान पर जय सरदार और जय पाटीदार का नारा था. 

लगता है कई सालों की कड़ी तपस्या के बाद आखिरकार राहुल गांधी  राजनीति में अपनी जड़ें जमाने में कामयाब हो ही गए हैं. राहुल की लोकप्रियता में दिन-ब-दिन इजाफा हो रहा है जो कि इस बात को साबित करता है कि उन्होंने सियासत में कुछ हद तक अपना  मकाम हासिल करना शुरू कर दिया  है.
आजकल हर तरफ राहुल गांधी की चर्चा है. सोशल मीडिया हो, अखबार हों या न्यूज चैनल राहुल गांधी हर जगह छाए हुए हैं. राहुल या तो ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे होते हैं, या उनका कोई बयान गूगल पर हेडलाइन बना होता है. लेकिन इस बार राहुल के सुर्खियों में रहने की वजह उनके बेतुके बयान नहीं, बल्कि उनके गंभीर और समसामयिक विचार हैं.

आजकल जिस सधे हुए और पैने अंदाज में राहुल लोगों के सामने अपनी बात रख रहे हैं, वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है. राहुल का बदला हुआ अंदाज और उनका नया अवतार लोगों को भा गया है. यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है.
अपने भाषणों से दे रहे हैं गंभीर संदेश-
किसने सोचा था कि राहुल गांधी का ऐसा कायाकल्प होगा और वो देश के एक बड़े वर्ग की आंखों का तारा बन जाएंगे. इन दिनों राहुल अपने भाषणों में जो मुहावरे और व्यंग्य इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें गजब का पैनापन नजर आता है. इन मुहावरों में हंसी-मजाक के साथ-साथ गंभीर संदेश भी छुपा होता है.

गुजरात में राहुल गांधी के रोड शो और जनसभाओं में उमड़ी भीड़ देखकर लगता है कि लोग अब कुछ नया और कुछ अलग सुनना चाहते हैं. राहुल को मिल रहे भारी जनसमर्थन से ये भी लगता है कि, लोग प्रधानमंत्री के मन की बात से ऊब चुके हैं, और अब वो दूसरे लोगों के मन की बात सुनना चाहते हैं और अपनी सुनाना चाहते हैं 
राहुल सरकार की नीतियों और फैसलों से नाखुश जनता की आवाज बनकर उभरे हैं. राहुल अब लोगों की नब्ज पकड़ना बखूबी सीख गए हैं, जिसने उन्हें सही मायनों में जननेता बना दिया है.


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