महक प्रवाह – जुलाई २०१६

प्रिय पाठको,

हमारी महक को आप सभी का स्नेह लगातार मिल रहा है.  दिन प्रतिदिन बढ़ती इसके पाठकों की संख्या इस का प्रमाण है. आपकी रूचि पर ये खरी उतर सके, अपने पाठकों के नेत्रों के साथ उनके मन तक पहुँच सके, यही हमारा प्रयास रहता है.
 गर्मियों की ऋतु पूरी तरह जा चुकी है, बारिश की बूंदों ने धरती को गोना शुरू कर दिया है. प्यासी धरा की प्यास बुझे, सभी मन, प्राण के अन्तस को ये भिगोए, इस इच्छा और अभ्यर्थना के साथ महक इस बरसात का, मेघों का, बूंदों का स्वागत करती है. थोड़ी सी सावधानी रखी जाए तो बारिश का मौसम धरती पर खुशहाली ले आता है. फसलों को जीवन मिलता है, वन, प्रकृति, पशु, पक्षियों की प्यास बुझती है.

आइए , हम सभी अपने तन, मन को इन बूंदो के साथ भिगोकर, प्रकृति के इस खूबसूरत उपहार का आनंदोत्सव मनाएँ.

स्नेह के साथ,किरन संजीव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *