बीमा क्लेम का दावा कैसे करें?

बीमा करवाने का उद्देश्य होता है मुसीबत और परेशानियों के समय आर्थिक संबल प्राप्त करना. ऐसी परिस्थितियों में अपनी पॉलिसी का क्लेम कैसे करें इसकी जानकारी के लिए कुछ बिंदु :
जब जीवन बीमा पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाए तो पॉलिसी में नामित दूसरा व्यक्ति या कोई भी निकट रिश्तेदार या एजेंट को संबंधित बीमा कंपनी के पास शीघ्र एक दावा सूचना देनी चाहिए. इस सूचना में मृत्यु की दिनांक, स्थान और कारण आदि सूचनाए देनी चाहिए. साथ ही दस्तावेज, जिसमें क्लेम फॉर्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, पॉलिसी दस्तावेज, असाइनमेंट डीड, पॉलिसी में नामित न होने की स्थिति में हकनामे का कानूनी साक्ष्य, होने चाहिए.
यदि धारक ने स्वास्थ्य बीमा करवाया है तो बिना नकद आधार तथा प्रतिपूर्ति दावे दोनों के रूप में क्लेम कर सकता है. बिना नकद आधार परइस प्रकार के क्लेम के लिए आपका उपचार पॉलिसी में उल्लेखित नेटवर्क अस्पताल में ही करवाया जाना चाहिए. इसकी सभी प्रक्रियाओं के बारे में जानने के लिए पॉलिसी दस्तावेज को ध्यान से पढ़ें.
प्रतिपूर्ति आधार पर दावा करने के लिए हॉस्पिटलाइजेशन के बाद आपको क्लेम फॉर्म, डिस्चार्ज समरी, वाओं के परचे तथा बिल आदि दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं.
मोटर बीमा का क्लेम
इस प्रकार के बीमा में निम्न हेतु क्लेम किया जा सकता है जिनमें निजी चोट, या किसी अन्य से संबंधित संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने पर , आपके स्वयं के बीमित वाहन के क्षतिग्रस्त होने पर, यह स्वक्षति दावा कहलाता है. इसके लिए आप तभी पात्र होंते हैं जब आपने पॉलिसी ली हुई है.
संपत्ति बीमा का क्लेम
संपत्ति को कवर करने वाली अनेक प्रकार की पॉलिसियां हो सकती हैं तथा संपत्ति भी दो प्रकार की हो सकती है स्थायी और गतिमान.
पॉलिसी प्राप्त होते ही आप किसी दावे के लिए आवश्यक दस्तावेजों तथा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के बारे में पढक़र जानकारी प्राप्त कर लें.
सामान्यत: हानियां और क्षतियां, जिनमें चोरी, आग और बाढ़ के कारण होने वाली हानियां और क्षतियां भी शामिल हैं. इनके बारे मे में संबंधित प्राधिकरणों, जैसे कि पुलिस, फायर ब्रिगेड इत्यादि को सूचित करना होता है महत्वपूर्ण है कि आप बीमा कंपनी को तत्काल सूचित करें ताकि वे हानि का सर्वेक्षण और आंकलन करने के लिए एक सर्वेयर भेज सकें.
यात्रा बीमा का क्लेम

सामान्यत: ये एक पैकेज पॉलिसी होती हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के कवरेज होते हैं जैसे कि अस्पताल में भर्ती होना, निजी दुर्घटना, बैगेज की हानि/क्षति, पासपोर्ट का गुम होना तथा अन्य. क्योंकि यह भिन्न कवरेज और प्रक्रियाओं वाली पॉलिसी होती है इसलिए बहुत जरूरी है कि किसी दावे की स्थिति में आवश्यक प्रक्रियाओं तथा कागजी कार्यवाहियों के बारे में आप पहले से ही स्वयं को भलीभांति जागरूक बना लें.

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