बारात का स्वागत करें स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ.

बारात का स्वागत करें स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ.

हमेशा की तरह आपकी दोस्त महक आपको बताएगी कैसे कम बजट में आप केटरिंग का बेहतर इंतजाम कर सकते हैं साथ ही आपको बताएंगे विवाहोत्सव के भोजन में आजकल चलने वाला ट्रेंड.

बेटी का विवाह तो तय हो गया है तारीख भी पक्की हो गई .अब बारी है बारातियों के स्वागत की तैयारी की. बारात स्वागत कुछ ऐसा होना चाहिए कि बारात में आए मेहमान आपके द्वारा किए गए स्वागत ओर दावत दोनों को हमेशा याद रखें .इसके लिए आपको बढ़ चढ़ कर खर्च करने की आवश्यकता नहीं हैं बल्कि सोच समझ कर खर्च करने की जरूरत है .आप सोच रहे होंगे क्या ऐसा हो सकता है कि कम बजट व कम खर्च में विवाह में खाने का बढिय़ा इंतजाम हो सके. जी हां, बिल्कुल हो सकता है न सिर्फ कम बजट में बढिय़ा खाना बल्कि जो व्यंजन ट्रेंड में है वो भी हो सकता है.

चलिए सबसे पहले आपको बताते हैं शादी में खाने पर खर्च कम कैसे करें.सबसे पहले आप यह निर्णय लें कि आपको कौन सा केटरर चाहिए, अपने केटरर से विस्तार से बात करें. उसे अपने बजट से अवगत कराएं. वो आपके बजट के हिसाब से शायद मैन्यू पर काम ना करे पर वो आपको आपके बजट में सबसे उत्तम क्या हो सकता है ये जरूर बताएंगे.


अपने केटरर को अपने यहां आने वाले मेहमानों की संख्या की एक सूची जरूर दे दें. जिससे भोजन कम भी ना हो और व्यर्थ भी ना जाए.

कभी दूसरों के यहां के विवाह आयोजनों, लोगों की हाई फाई बातों व दिखावे पर ना जाएं बल्कि वही मेन्यू बनाएं जो आपके मेहमानों के स्वाद की पूर्ति भी करे और नष्ट भी ना करे.

फलां के घर विवाह में 25 आइटम और 5 स्वीट डिश थे ये सोचकर काफी लोग बढ़ चढक़र दिखावा करते हैं पर आप बिल्कुल भी ऐसा ना करें. सोच समझकर उन्हीं पकवानों को चुनें जो आपके मेहमान को पसंद आए. मेहमानों को सर्व करने के लिए वेटर रखने की जरूरत नहीं है क्योंकि विवाह में प्रत्येक व्यक्ति अपने खाने पीने का ख्याल अच्छी तरह से रखता है. वैसे भी आजकल समय सैल्फ सर्विस का है तो वेटर पर पैसे क्यूं खर्च किए जाएँ ?

विवाह की दावत में कोशिश यही करें कि मौसमी फलों व सब्जियों के आइटम रखें जाएं इससे भी बजट पर भार कम पड़ेगा.

नाश्ते और खाने का अनुपात भी ठीक होना चाहिए क्योंकि मेहमान ज्यादा नाश्ता कर लें तो भोजन नहीं खाते जिससे खाने के सामान की बर्बादी होती है और वैसे भी तो नाश्ते में सिर्फ एक या दो आइटम ही होने चाहिए.

विवाह में घराती व बाराती दोनों ही परिवारों के कुछ सदस्य उपवास रखते हैं. उनके लिए अलग से एक या दो फलाहार के स्टॉल लगाने चाहिए.

उपवास में रहे लोगों के भोजन की विशेष व्यवस्था देखकर मेहमान भी खुश होंगे और आपकी समझदारी की दाद भी देंगे.

मेन कोर्स के बाद डेर्जट यानि की स्वीट डिश होना भी लाजिमि है. स्वीट डिश जो भी रखें वो मौसम के अनुकूल होनी चाहिए. गर्मियों में ठंडी, सर्दियों में गर्म स्वीट डिश होनी चाहिए.


स्वीट डिश दो या तीन से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि आमतौर पर लोगों को मीठा बहुत पसंद होता है या बिल्कुल नहीं.

सबसे अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात, जब खाना बच जाए तो इसे फेंके नहीं बल्कि जरूरतमंदों में बंटवाने का इंतजाम पहले से करके रखें. आजकल कई संस्थाएं इसके लिए काम कर रही हैं उनसे संपर्क करें. बारात का स्वागत करें स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ.

ये तो हुई बजट की बात. अब आपको बताते हैं कि कौन सा व्यंजन आजकल विवाह की दावत में ट्रेंड में है और क्या हो चुका है गायब. विवाह में आजकल तीन मुख्य कार्यक्रम हो गए हैं और तीनों ही दिन मेहमानों की आवभगत करनी होती है. पर कितना और क्या क्या किया जाए ये जानने के लिए हम सूरत के प्रसिद्घ व लगभग ११५ वर्षों के केटरिंग क्षेत्र के अनुभवी ‘‘जी दादा’’ के पास पहुंचे. उन्होंने काफी जानकारियां दी जिन्हें हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं. उनके अनुसार विवाह की पहली बड़ी रस्म मेहंदी में बाइटिंग फूड, पोंक बड़ा, बेबी घूघरा, बेबी चीज चाइनीज समोसा ट्रेंड में हैं. कुछ लोग जो स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा जागरूक हैं वे पारंपरिक भोजन बनवाना पसंद करते हैं.

विवाह के दूसरे महत्वपूर्ण कार्यक्रम संगीत में ज्यादातर लोग चाइनिज अथवा पावभाजी के साथ कोल्ड ड्रिंक्स या ठंड के मौसम में हॉट कॉफी या केसर दूध रखते हैं. अब आया विवाह का दिन, आजकल जो ट्रेंड में है वो है किसी विशेष जगह के व्यंजन की मांग, यही नहीं इन व्यंजनों को बनाने के लिए अगर संभव हो सकता है तो केटर्स वहीं के शेफ को बुलाते हैं.

विवाह में पारंपरिक भोजन के अतिरिक्त थाई फूड स्पाइसी, स्विस फूड, जैसे चीज फांडयू, चॉकलेट

फांडयू तथा इटैलियन फूड में पास्ता व बेक फूड के स्टॉल लगाने का चलन तेजी से बढ़ा है.

इसके साथ दिल्ली व इंदौर के चाट, छोल भटूरे तथा सिजवान सॉस का भी क्रेज तेजी से बढ़ा है. रवि ठाकर ने ये भी बताया कि लाइव काउंटर बहुत फोकस हो रहा है जिसमें सभी स्टीम्ड फूड को या यूं कहिए टिपिकल सूरती भोजन को सर्व करके मेहमानों को खुश किया जा रहा है. साथ ही सिंधी भोजन दाल पकवान व इमरती की मांग बढ़ रही है.


एक सौ पंद्रह वर्षों से लोगों को लजीज भोजन का स्वाद चखाने वाले जी दादा के संचालक रवि ठाकर विवाहों में होने वाली भोजन की बर्बादी को देखते हुए इस विवाह के सीजन में नया प्रयोग करने जा रहे हैं जो समाजोपयोगी तो है ही साथ ही अन्न की बरबादी को भी रोकने में सहायक होगा.

सऊदी अरब के ओपन फ्रिज कंसेप्ट से प्रेरित होकर सूरत में भी ओपन फ्रिज प्रारंभ करेंगे. रवि ठाकर बताते हैं वे इस बार विवाह के कार्यक्रमों में बचे हुए भोजन की पैकिंग कर दुकान के बाहर एक फ्रिज में रख देंगे. जिसे रात्रि दस बजे से सुबह सात बजे तक खुला रखा जाएगा. जहां से जरूरतमंद लोग बिना मांगे अधिकार पूर्वक अपने लिए निशुल्क भोजन ले जा सकेंगे.

आजकल विवाहों में से चाइनिज भोजन गायब होने लगा है और लोग इसे कम पसंद करते हैं. आप भी चायनिज फूड रखने से बचें. इससे न सिर्फ आपके बजट में कमी आएगी बल्कि आप जमाने के साथ चलते हुए नजर आएंगे.

हमने आपको बताया इस सीजन का विवाह व्यंजन ट्रेंड. अब बारी आपकी है सही निर्णय और सूझबूझ से काम लेने की.


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