फिर बही बयार प्रेम की

ढाई आखर प्रेम का पढ़े से पंडित होए…..कहकर कबीर ने प्रेम को जीवन का शाश्वत और महत्वपूर्ण मूल्य बताया. प्रेम करने के लिए कोई दिन या समय निश्चित नही किया जा सकता है, लेकिन जिस तरह प्रकृति अपने रंग बदलकर बसंत को लाती है. धरती को फूलों की सौगात देती है. इसी प्रकार बसंत पंचमी हो या वेलेन्टाइन डे अपनी प्रेम पूर्व भावनाओं को अपने साथी के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक अवसर देते हैं. वक्त के साथ युवा वर्ग में ही नहीं वरन उम्रदराज व्यक्तियों में भी वेलेन्टाइन डे को सहजता के साथ स्वीकार कर लिया गया है. 

सिटीलाइट स्थित वाव गिफ्ट्स एंड कार्डस के शाहिद कहते हैं सोशल नेटवर्किंग साइटस पर रहनेवाली नई पीढ़ी नए तौर तरीकों को अपने व्यवहार में सहजता से अपना रही है. इसी में से वेलेन्टाइन डे भी एक दिन है इसे सिर्फ प्रेम प्रदर्शन ही नहीं वरन दोस्ती की शुरूआत करने या उसके प्रदर्शन करने के लिए भी अपनाया जाता है. सिर्फ युवा वर्ग या कॉलेज के विद्यार्थी ही नहीं नवविवाहित जोड़ों से लेकर उम्रदराज व्यक्ति तक इस दिन को सेलिब्रेट करने लगे हैं. वे अपने साथी को खूबसूरत उपहार और कार्डस देते हैं. लेकिन लडक़ों की तुलना में लड़कियां इस मामले में ज्यादा सक्रिय रहती हैं. 

लडक़े उपहार खरीदने में कलात्मकता या कुछ अनोखा करने में रूचि प्रदर्शित नहीं करते हैं. वे ट्रेंड में चल रही चीजों में से कुछ भी खरीद लेते हैं. लड़कियां उपहार चुनने से लेकर उसे देने के तरीके तक में काफी मेहनत करती हैं. वे उसमें कलात्मकता का बेहद ख्याल रखती हैं.कुछ नया और साथी की रूचि का ख्याल रखते हुए तोहफे चुनती हैं. इस बार वेलेन्टाइन डे के लिए काफी कुछ नया बाजार में उपलब्ध है. शाहिद के अनुसार अकेले उनकी दुकान पर ही कई नये तरीके के तोहफे और कार्डस उपलब्ध है.
फूलों और प्रेम का चोली दामन का साथ है. फूल न केवल प्रेम की अभिव्यक्ति का साधन है वरन वे माहौल को ताजा खूबसूरत बना देते हैं. घोड़दौड़ रोड स्थित फ्लॉवर वेंडर के सोमेन दास बताते हैं आम दिनों के मुकाबले इस दिन गुलदस्ते ज्यादा बिकते हैं खास तौर पर गुलाब के. वे बताते हैं कि पूर्व में ही गुलाब की मांग को ध्यान में रखकर गुलाबों की खरीद ज्यादा रखते हें विशेष तौर पर लाल गुलाब. हांडी या टोकरी में बने हुए लाल गुलाबों के गुलदस्ते की मांग इस दिन सर्वाधिक होती है.
फूल और तोहफों के बाद नंबर आता है साथ बैठकर कॉफी पीने का. इसीलिए हमने विशेष तौर पर बात की सिटीलाइट स्थित कैफे रैड के संजय अरोड़ा से. वे बताते हैं वेलन्टाइन डे पर युवा वर्ग और कॉलेज के विद्यार्थी बैठने के लिए जगह ढूंढते हैं. हम भी इस दिन के लिए विशेष रूप से अपने कैफै केो सजाते हैं. लाल गुब्बारों और लाइटों के संयोजन से विशेष वातावरण तैयार करते हैं जिससे यहां आने वालो को अच्छा लगे. वे ग्राहक की मांग के अनुसार संगीत और तोहफों की सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं. आप स्वयं वेलेन्टाइन डे केसे मनाते हैं पूछने पर संजय अरोड़ा कहते हैँ मैं इस दिन को अपने पूरे परिवार के साथ मनाना पसंद करता हूं. मैं उन सभी को प्यार करता हूं इसलिए इस दिन अपनी दोनों बेटियों और परिवार के साथ घूमने जाता हूं और हम सभी मिलकर बाहर डिनर करते हैं. 

सी.ए कर रही दिव्या अग्रवाल कहती हैं इस बार का वेलेन्टाइन डे मेरे लिए विशेष है पिछले वेलेन्टाइन डे पर मेरे दोस्त ने मुझे प्रपोज किया था. इस बार बात उससे ज्यादा आगे बढ़ेगी.हालांकि अभी उन्होंने तय  नहीं किया है लेकिन वे कुछ काम आएं जैसे घड़ी, शर्ट या  वॉलेट देना चाहती हैं. वे मानती हैं कि लड़कियां उपहार पर ज्यादा ध्यान देती हैं लडक़े किस जगह जाना है किस रेस्तरां को चुनना है जैसी बातों पर सतर्क रहते हैं.
कॉलेज विद्यार्थी ध्रुव भट्ट इस दिन को अपने दोस्तों के साथ मनाना पसंद करते हैं. वे उनके लिए तोहफे खरीदते हैं और साथ में लंच या डिनर करते हैं. तोहफे में वे दोस्तों के उपयोग में आने वाली वस्तुएं देना ज्यादा पसंद करते हैं.

नवविवाहित विधि पटेल जोकि एक गृहिणी हैं बताती हैं उनके विवाह को अभी दो वर्ष हुए हैं. उनके पति उन्हें उनकी पसंद के फूल तोहफे में देते हैं और रेस्तरां में खाना खिलाने ले जाते हैं. वे स्वयं घड़ी, शर्ट या वॉलेट जैसी कोई खूबसूरत उपयोग में आनेवाली वस्तु देना चाहती हैं. पिछला वेलेन्टाइन मेरे लिए यादागर था. मेरे पति कार्यालय के कार्य से सूरत से बाहर थे और वे सिर्फ इस दिन को सेलिब्रेट करने छुट्टी लेकर आए थे.
कामकाजी पूनम पंडया वेलन्टाइन डे को लेकर काफी उत्साहित हैं. इस दिन ही उनके साथी ने उन्हें प्रपोज किया था. आज वही उनके पति हैं वे बताती हैं एक रात्रि पूर्व १२ बजे वे और उनके पति एक दूसरे को विश करते हैं, तोहफे देते हैं अगले दिन ज्यादा समय एक दूसरे के साथ बिताने की कोशिश करते हैं और रात का खाना बाहर खाते हैं. वे तोहफे से ज्यादा तोहफे को देने के तरीके को महत्व देती हैं. तोहफे को किस तरह सजाया गया है ये उनके लिए खासा महत्वपूर्ण होता है.

तरूण राजपुरोहित जो कि एक व्यवसायी हैं इस दिन को मनाने के लिए अपनी मंगेतर जोकि बंगलौर में रहती हैं से मिलने जाने वाले हैं. वे गुलाब का फूल एक खूबसूरत कार्ड के साथ और उनकी मनपसंद ड्रेस अपने साथी को देंगे और साथ में दिन बिताना यही उनका वेलेन्टाइन सेलिब्रेशन होगा.
इस बारे के वेलन्टाइन डे पर फूलों के साथ आप भी अपने साथी के साथ इस दिन को मनाएं और ख्याल रखें एक दूसरे की भावनाओं का.

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