पापा लाए नई किताबें

आज बाज़ार से पापा लाए नई किताबें ,
सुंदर सुंदर रंग बिरंगे पृष्ठों वाली नई किताबें,
मोती जैसे जड़ाऊ अक्षर कागज़ पर हैं बने हुए,
तितली, पंछी, फूल पत्ते हैं उन पर छपे हुए,
आज बाज़ार से पापा लाए नई किताबें.
ज्ञान का भंडार हैं मेरी ये किताबें,
न हो जब कोई संगी साथी , न हो खेल खिलौने,
दोस्त बनेंगे , मन बहलाएंगे, इनके प्यारे पन्ने,
आगे बढ़ो , चलते रहो ,कहती हैं किताबें,
समझ बढ़ाती, चरित्र बनातीं, ऐसी होती किताबें,
आज बाज़ार से पापा लाए नई किताबें.
सारा जहाँ इनमें समाया , संग कहानी, कविता लाया,
सूझ बूझ की हैं पहेलियाँ इनमें,ज्ञान हमारा बढ़ाया,
नई कक्षा, नई किताबें इनमें दुनिया का है सार,
नहीं तुलना इनकी किसी से जानकारी का भंडार अपार,
 आज बाज़ार से पापा लाए नई किताबें

                                               श्वेता गुप्ता 

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