तैयारी स्कूल खुलने से पहले


स्कूल खुलने से पहले स्कूल जाने की कुछ तैयारी कर ली जाये तो बेहतर रहता है इस से आपको मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ेगा—चैताली देसाई

सुरभि घर आते ही रोने लगी ,नेहा ने उसे चुप कराते हुए पूछा बात तो बताओ आप रो क्यों रही हो ? मम्मी आज टीचर ने डांटा क्योंकि मेरी नोट बुक और बुक्स पर कवर नहीं था.

ओ, हो, बेटा आज शाम को पापा आते ही चढ़ा देंगें , लेकिन माँ, आज शाम को तो मुझे पापा के साथ अपने स्कूल शूज लेने जाना है कल स्पोर्ट्स का पीरियड है पुराने स्पोर्ट्स शूज फट गए है मेरे, नहीं तो कल स्पोर्ट्स सर की डाँट पड़ेगी सुरभि ने कहा.

ऐसी ही मुश्किल का आपको भी सामना करना पड़ सकता है स्कूल खुलने के पश्चात रोज की दिनचर्या में आप इतने वयस्त हो जाते हैं कि किसी अतिरिक्त कार्य के लिए समय ही नहीं मिलता है इसलिए कुछ तैयारी स्कूल खुलने से पहले ही कर ली जाये तो बेहतर रहता है. स्कूल खुलने से कम से कम दस दिन पूर्व तैयारी शुरू कर दें.

आवश्यकता अनुसार नयी यूनिफार्म खरीद लें पुरानी यूनिफार्म ( स्कर्ट , पैंट ) ऑल्टर करवानी है तो टेलर को दे दें.

सभी पुस्तकें और नोट बुक खरीदें साथ ही उनके कवर और नेमप्लेट स्टिकर भी खरीद लें.

आवश्यकता के अनुसार स्टेशनरी भी खरीद लें जिसमें पेंसिल बॉक्स ,पेन, इरेज़र, ज्योमेट्री बॉक्स, स्केल आदि शामिल हैं

सभी पुस्तकें और नोटबुक कवर कर लें.

नए बेग, वाटर बॉटल लंच बॉक्स, पेंसिल बॉक्स वगैरह भी खरीद लें.

रिपेयरिंग को दी हुई चीज़ें वापस ले लें. रुमाल, रिबन, मोज़े आदि भी खरीद लें.

अब आपका बच्चा स्कूल खुलने से पहले ही स्कूल जाने के लिए तैयार है

चैताली देसाई

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