डॉ. पारूल वडगामा

डॉ. पारूल वडगामा जोकि क्षय रोग विशेषज्ञ है एवं सूरत सिविल अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं क्षय रोग से संदर्भित जानकारी के लिए महक के प्रतिनिधि अविनाश मिश्रा ने उनसे विशेष मुलाकात की प्रस्तुत है उसके अंश आपके लिए..

डॉ. पारूल वडगामा बताती हैं

टीबी को लेकर समाज में लोगों के अंदर काफी गलत धारणाएं हैं जो कि गलत हैं. पहली बात जो लोगों को समझनी चाहिए, वह यह कि क्षय रोग यानि की टीबी का इलाज मुमकिन है और यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है. जरूरत है सही तरीके से और सही दवा लेने की. इसके लिए सभी सरकार अस्पतालों में क्षय रोग अर्थात टीबी की दवाई नि:शुल्क मिलती है.

भारत में महिलाओं के साथ भेदभाव बहुत अधिक रूप में किया जाता है. महिलाएं अस्पताल तक पहुंचने की प्रक्रिया में ही काफी ज्यादा समय लगा देती हैं. वे काफी समय तक अपनी बीमारी पर ध्यान नहीं देती हैं अपनी बीमारी के इलाज को लंबे समय तक टालती रहती हैं और परिवार के अन्य सदस्य भी उनकी बीमारी और इलाज को गंभीरता से नहीं लेते हैं. जिससे रोग बढ़ जाता है.

वे बताती हैं यदि दो हफ्तों से ज्यादा समय से आपको खांसी आ रही है तो जितना जल्दी हो सके अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर अपनी जांच करवा लेनी चाहिए. डॉ. वडगामा बताती हैं कि टीबी जितनी देर से पता चता है वह उतना नुकसान दायक होती है. वे कि मरीजों को सलाह देती हैं कि चिकित्सक के द्वारा बताई गई सभी दवाएं पूरी और नियमित रूप से लें.

धन्यवाद के साथ उनसे विदा ली.

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