छुट्टियों की शुरुआत


परीक्षाएँ समाप्त होने की खुशी के साथ ओशीन और उसकी सहेलियों को कल के दिन का विशेष तौर पर इंतजार है छुट्टियों का पहला दिन भी है ऐसा वो क्या करने वाले थे जो इस दिन को कुछ खास बनाने वाला था

आखिरकार वो वक़्त आने ही वाला है बस आज का दिन और कल मेरा आखिरी पेपर है सोच कर ओशीन मन ही मन खुश हो रही थी. ओशीन आठवीं कक्षा की छात्रा है उसकी वार्षिक परीक्षाएँ चल रही हैं कल से उसकी छुट्टियाँ शुरू हो जाएंगी. अपनी परीक्षाएँ समाप्त होने की खुशी के साथ उसे कल के दिन का विशेष तौर पर इंतजार है उसने अपनी सभी सहेलियों को बोल दिया है कि परीक्षा के बाद वे सब रुकें .

इसी ख़ुशी में उसने वो रात गुजारी. परीक्षा खत्म होते ही सारी लड़कियां हँसते बोलते विद्यालय के प्रांगण में इकट्ठी होने लगीं. मिशेल , स्नेहा, सलोनी , राजवी , पूनम , परंगी सभी आ चुके हैं बस इंतज़ार ओशीन का है सभी बातों में व्यस्त थे सभी एक ही विषय पर बात कर रहे थे, छुट्टियां कैसे बितानी हैं तभी राजवी बोली , ” लो ओशीन आ गयी , ” सबने देखा ओशीन खुशबु से बातें करती आ रही थी सब ” जोर से बोले जल्दी आ “, ” कितनी धीरे आ रही है ” , ओशीन नज़दीक आ गयी और ख़ुशी से जोर से बोली “हाय ! फ्रेंड्स , पेपर कैसा हुआ ? ” सब बोले वो तो ठीक हुआ पर तूने हमें रुकने के लिए क्यों बोला था ” स्नेहा ने पूछा , पूनम बोली यार , जल्दी बता, ” मेरी वैन वाला इंतज़ार कर रहा है ” “ओ. के. फ्रेंड्स, जल्दी से सुनो ”

ओशीन ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा “आज से हमारी छुट्टियां शुरू हो रही हैं ” ” हम सभी अपने अपने तरीके से इन छुट्टियों को गुजारने वाले हैं लेकिन इनकी शुरुआत क्यों ना हम एक साथ एक ही तरीके से करे. ” ” वॉव.” पारंगी जोर से चिल्लाई सब ख़ुशी से शोर कर रहे थे पूनम बोली “एक मिनिट शोर बंद करो , पहले ओशीन ये तो बता तेरा आईडिया क्या है ? ” ” मेरे घर के सामने मल्टीप्लैक्स है वंहा जंगल बुक फिल्म लगी हुई है कल हम सभी मिलकर उसे देखेंगे फिर मेरे घर पर लंच करेंगे और उसके बाद सामने बड़े बगीचे में एक साथ खेलने जायंगे ” ओशीन ने अपनी बात एक साँस में खत्म करते हुए कहा ” मैं तैयार हुँ ” सबसे पहले स्नेहा ने कहा, पूनम बोली “मुझे अपनी मम्मी से पूछना पड़ेगा ” राज़वी बोली ” मेरी बहन का भी मुझे सोचना पड़ेगा” ” इतनी जल्दी नहीं हो पाएगा ” पारंगी बोली , अब ओशीन आराम से बोली ” देखो सभी अपने घर जाकर अपनी मम्मी से बात करो ,हम सभी व्हाट्सएप्प पर बात कर लेंगे और हमें कल ही जाना होगा क्यूंकि कल उस फिल्म का लास्ट शो है और हमारी छुट्टियों का पहला दिन भी है ” “ओ. के.” सभी ने कुछ सोचा और कहा , सभी अपनी -अपनी वैन की और चल दिए.

घर पंहुच कर सभी ने अपनी मम्मी से बात की . सभी की मम्मियों ने ओशीन की मम्मी से बात कर बच्चों की ख़ुशी को स्वीकार करते हुए सहमति दे दी.आखिर आज का दिन आ गया सब सहलियां सुबह समय से ओशीन के घर आ गयी उन सभी के साथ राज़वी की छोटी बहन ऋत्वि भी थी और ओशीन का छोटा भाई और उसके तीन दोस्त लगभग 15 बच्चों का ये समूह ओशीन की माँ के साथ सड़क पार करके सामने हॉल पर पंहुचे वंहा सब ने अपने पैसे ओशीन को दिए, ओशीन ने टिकिट खरीदी फिर सभी साथ में हॉल के अंदर गए फिल्म देखी. शो समाप्त होने पर सबने आइसक्रीम खायी, घर वापस आए तो माँ ने गरम गरम राजमा चावल बनाए थे सबने साथ बैठकर खाए . इसके बाद सब एक साथ गार्डन गए वंहा जी भर कर खेले, शाम को सबके मम्मी पापा उन्हें लेने आ गए .

आज सभी बच्चे बहुत खुश थे सबका पूरा दिन बहुत मस्ती करते हुए निकला था और उनकी छुट्टियों की शुरुआत अच्छी हुई थी .

डॉ. डी. एन. गुप्ता

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