गुजरात में भाजपा की स्थिति बिगड़ी

 गुजरात चुनावों के मद्देनज़र मोदी गुजरात में 50 के लगभग चुनावी सभाएं करने वाले हैं गुजरात में भाजपा की स्थिति बिगड़ी है.गुजरात में जब भी भाजपा की स्थिति बिगड़ी है मोदी उसके लिए रामबाण दवा के रूप में साबित हुए हैं .
वर्तमान में गुजरात में भाजपा की स्थिति बेहद कंज़ोर हो रही है मज़े की बात ये है की ये बात भाजपा नेताओं को भी पता है लेकिन उन्हें अब भी मोदी मैजिक पर पूरा भरोसा है।  उन्हें लगता है कि जब मोदी गुजरात चुनावों का प्रचार करेंगे तब उनकी पार्टी को लगा ग्रहण ख़त्म हो जाएगा.
  गुजरात चुनावों के मद्देनज़र मोदी गुजरात में 50 के लगभग चुनावी सभाएं करने वाले हैं लेकिन गुजरात के नेता या तो समझ नहीं पा रहे हैं या जानबूझकर बिल्ली की तरह आंखें मूंदे हुए हैं उन्हें पता नहीं लग रहा कि जनता में जितनी नाराज़गी मुख्यमंत्री विजय रूपानी से है उससे ज्यादा नाराज़गी नरेंद्र मोदी से है गुजरात से दिल्ली जाने से पहले मोदी ने गुजराती जनता से अच्छे दिनों के आने का जो वादा किया था ऐसा कुछ आम जनता के लिए नहीं हुआ उसकी जो हालत पहले थी महंगाई बढ़ने से उससे ज्यादा दुर्दशा हो गई है दूसरी तरफ ठेके पर दी हुई सरकारी नौकरियों के लोगों के हालत और भी ज्यादा बुरे हैं 10 महीने के वेतन पर काम करते हैं वो भी बहुत कम वेतन पर जो कि उनकी योग्यता के हिसाब से काफी कम है.
जनता को महसूस हो रहा है कि मोदी ने उन्हें ठगा है और वे सिर्फ बातें करना जानते हैं विकास पागल हो गया है ये गुजरात का नहीं मोदी का मज़ाक था सत्ता का दुरूपयोग कर पैसा बनाने के मामले में भाजपा भी कांग्रेस की पंक्ति में बैठ गयी है न खाऊंगा , न खाने दूंगा कहने वाले मोदी के साथियों ने सत्ता में आने पर कैसे भ्रष्टाचार किया है ये जनता के सामने आ चुका है यहां तक की अब मोदी ने भ्र्ष्टाचार के विषय पर बोलना भी धीरे धीरे कम कर दिया है.
राष्ट्रवाद के नाम पर देश को बांटने और कौमी नफरत बढ़ाने के लिए भी जनता का एक वर्ग मोदी और उनके भाषणों को मानता है देश के अन्य भागों में ऐतिहासिक स्थलों को भी कौमवाद की निगाहों से देखने को लेकर प्रदेश का बुद्धिजीवी वर्ग मोदी से  नाराज़ है .
राष्ट्रवाद हो या आर्थिक सुधारों की बात मोदी किसी भी मोर्चे पर जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं इस तरह नाराज़ प्रजा को मोदी गुजरात आएं और एक दिन मिलकर कहें आप भाजपा को वोट दें और ऐसा गुजरात की जनता मान जायगी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुश्किल लग रहा है.
इस सबके बाद भी कुछ लोग ऐसे हैं जो हर हालत में मोदी को पसंद करते हैं लेकिन वे जानते हैं की उनके मोदी को वोट  देने से मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे वह तो रुपाणी , शाह या कोई और बनेगा जिसे वे पसंद नहीं करते हैं तो फिर किसलिए वे अपना वोट मोदी को दें.
 गुजरात चुनावों के मद्देनज़र मोदी गुजरात में 50 के लगभग चुनावी सभाएं  गुजरात में हैं. भाजपा की स्थिति बिगड़ी है. फिलहाल मोदी अपनी चुनावी सभाओं से भाजपा को संजीवनी दे पायंगे या नहीं ये तो समय ही बताएगा.

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