गलती

बच्चों से झूठ बोलना गलत है,
गलत है यह सिद्ध करना कि झूठ ही  सच है .
उन्हें ये बताना कि ईश्वर स्वर्ग में बैठा हुआ है और दुनिया में अमन चैन है,
गलत है, वे तुम्हारे अर्थ जानते हैं वे मनुष्य हैं .
उन्हें बताओ कि दिक्कतें मुसीबतें गिनी नहीं जातीं,
और उन्हें देखने समझने दो , न सिर्फ भविष्य ,वर्तमान भी अपलक द्रष्टि के साथ.
उनसे कहो कि अवरोध होते तो हैं, पर वे उनका सामना करें.
पीड़ा और तकलीफ़ें होती हैं, लेकीन इस सब से क्या ? 
कौन नहीं जानता कि खुशी यूं ही नहीं मिल जाती,
उसकी भी कीमत होती है .
गलती जो दिखे तुम्हें ,चुप न रहो ,बताओ , समझाओ ,
वरना, यह बढ़ेगी , अपने आप को दोहराएगी और फिर
बड़े होने पर अपने बच्चे क्षमा कर दिये जाने के लिए, हमें क्षमा नहीं करेंगे .
प्रभा वार्ष्णेय

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