कैसे चुनें बीमा पॉलिसी को

कुछ टिप्स हैं जिनसे बीमा पॉलिसी के चयन में आपको सहायता मिल सकेगी.

बीमा पॉलिसी के चयन में सर्वाधिक आवश्यक है बीमा धारक की आर्थिक क्षमता का ध्यान रखना अर्थात यह देखना कि बीमा धारक कितनी रकम का प्रीमियम चुका सकता है. बीमा करने और कराने वाले एजेंट दोनों पक्षों की ओर से ये कोशिश होनी चाहिए कि बीमा पॉलिसी की पूर्ण अवधि तक चलता रहे जिससे बीमा धारक को बीमा का पूरा लाभ मिले. समय से पूर्व बीमा अनुबंध को तोडऩे में ज्यादा नुकसान अनुबंध तोडऩे वाले को ही उठाना पड़ता है.

आपकी आवश्यकता को पहचानें, निश्चित करें कि आपको किस प्रकार की पॉलिसी की अवश्यकता है.

आप कितना प्रीमियम और कितनी अवधि में भर सकते हैं. जरूरत से ज्यादा प्रीमियम की रकम होने पर लैप्स होने का खतरा रहता है.

· आप पर कितने लोग आश्रित हैं.

· धारक अपने आश्रितों को कैसा जीवन देना चाहता है.

· बच्चों को कैसी शिक्षा दिलवाना चाहते हैं.

· बच्चों की शिक्षा के लिए कब और कितनी रकम की आवश्यकता होगी.

· बच्चों का विवाह कितने समय पश्चात करेंगे और उस समय आपको कितने रूपयों की जरूरत पड़ेगी.

जनरल इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कराते समय अपनी बचत और रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखें.

पॉलिसी कराते समय उसे ठीक से पढ़ें.

पूरा अनुबंध पत्र पढ़ें. कई बार एजेंट पॉलिसी कराने के लिए झूठ का सहारा भी ले लेते हैं.

प्रीमियम समय पर जमा करें. पॉलिसी को पूरे समय तक चलाएं. बीच समय में ही पॉलिसी रूकने से अनुबंध टूट जाता है और धारक को नुकसान होता है.

जीवन बीमा पॉलिसी पर लोन भी लिया जा सकता है.

आईआरडीए (इंश्योरेंस रेग्यूलटरी एंड डवलपमेंट आथोरिटी) द्वारा बनाए गए सभी नियमों को ध्यान से पढें और फिर किसी अच्छे इश्योरेंस एडवाइजर से सलाह लें. अपनी आवश्यकता और आर्थिक क्षमता से उसका परिचय कराएं. फिर उससे पॉलिसियों के बारे में जानकारी लेकर अपनी आवश्यकतानुसार पॉलिसी का चयन करें.

किसी भी पॉलिसी को खरीदते समय सवाल अवश्य पूछें. जितना ज्यादा हो सके एजेंट या सलाहकार से जानने की कोशिश करें ताकि भविष्य में आपको किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.

उपरोक्त टिप्स को ध्यान में रखकर इंश्योरेंस पॉलिसी का चयन करें और उसका लाभ उठाएं.

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