कृष्ण नाम तूने पाया है.

कृष्ण नाम तूने पाया है.

कृष्ण नाम तूने पाया है.
रात तिमिर, काल-कोठरी जन्म तूने पाया है,
उफन रही थी, शांत यमुना भी,
घन घन, गर्जन-तर्जन कर रहे ,
काले मेघों का साया तूने पाया है.
कृष्ण नाम तूने पाया है.
युगों से जग का नायक तू  कहलाया है,
तन कृष्ण हो, मन रोशन हो,
नैया डगमग डगमग जीवन पथ पर,
शिथिल अंतस घबरा रहा,
एक नाम तेरा ले, जग का पार  पाया है.
कृष्ण नाम तूने पाया है.
कर्म प्रकाश, नित नित कर,
शंखनाद से ये बतलाया है.
धर्म पथ, एक पथ,चल इस पर तूने बतलाया है.
निज, स्व छोड़ कर एक सत्य अपनाया है.
कृष्ण नाम तूने पाया है.
अनंत, तेरे प्रेम रस, हस्त तेरे कर्मशूल,
सार यही जीवन रस,
क्षण क्षण यही समझाया है.
कृष्ण नाम तूने पाया है.
तेरे पथ पर चल सकूँ,
डगमग ही सही, ठहर ठहर ही सही,
दीप दान, उस पर नित कर सकूँ,
धर्म कर्म सत्य ही निज मन धन पा सकूँ,
यही सार तुझसे पाया है,
कृष्ण नाम तूने पाया है.

…..किरन


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