अपनी नशीली अदाओ, ठुमकों,लटकों झटकों से बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की सफलता की गारंटी हैं आइटम नंबर.

आजके दौरमें आइटम नंबर अश्लीलता के पर्याय बन रहे हैं और इन्हें करने वाली अभिनेत्री अश्लील अदाओं का सहारा नृत्य में ले रही हों तब आप को ये जानकर आश्चर्य होगा कि हिन्दी सिनेमा के इस आइटम नंबर का इतिहास सिनेमा के जितना ही पुराना है. श्वेत श्याम सिनेमा के दौर में जब फ्रिल वाली घेरदार स्कर्ट पहनकर अभिनेत्री आइटम नंबर करती थी तब वह दर्शकॉ को लुभाने के लिए अपनी नजरों के खास अंदाज और होठों को घुमाने के तरीकों का प्रयोग किया करती थीं. जो कि आज बेढंगे तरीके से कमर से नीचे के शरीर को हिलाने से किया जाता है. लगभग नग्न नजर आते बदन, वस्त्रों के नाम पर कम वस्त्रों का नए नए ढंग से प्रयोग ही आईटम नंबर की खासियत है बाकी बचा हुआ कार्य गीत के बोल करते हैं.

झरोखों से
हिन्दीसिनेमा के इतिहास पर गौर करें तो आइटम नंबर की शुरूआत बोलती फिल्मों के प्रारंभिक दौर यानि कि ४० के दशक से ही हो गई थी. १९४६ में आई फिल्म अरब का सितारा में रबर गर्ल्स के नाम से मशहूर कुकु  नेअपनी मोहक अदाओं से दर्शकों को पहले आइटम नंबर का स्वाद चखाया था. विख्यात फिल्म निर्माता निर्देशक और अभिनेता राज कपूर ने अपनी फिल्मों में कई नए नए प्रयोग किए जिसमें आइटम नंबर को अपनी फिल्मों में विशेष जगह देना साथ ही उसका फिल्मांकन महत्वपूर्ण गीत की तरह करना शामिल था. नादिरा पर फिल्माया गया आवारा फिल्म का गीत एक दो तीन आजा मौसम है रंगीन एवं फिल्म ४२० का मुड़ मुड़ के ना देख इन की मिसाल है. जिसमें भव्य सैट और नायिका के आधुनिक शैली के वस्त्रों के साथ उनकी पाश्चात्य शैली से भरपूर नृत्य अदाएँ उस समय दर्शकों को फिल्म देखने के लिएलाने मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे.६० से ७० के दशक के आइटमनंबर में हेलन ने एकछत्र राज्य किया. उस दौर में फिल्म में हेलन का नृत्य फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था. नीली आंखों, और सुनहरे बालों वाली हेलन ने आइटम नंबर को लोकप्रियता की ऊंचाईयों पर पहुंचाया.  १९५८में रिलीज फिल्म हावड़ा ब्रिज का हेलेन का आइटम नंबर मेरा नाम चिनचिन चू खासा लोकप्रिय हुआ.

१९६९में प्रदर्शित फिल्म इंतकाम में जाने जा मेरा ये हुस्न जवां गाने ने अकेले ही केवल फिल्म को वरन हेलन को भी स्टारडम की ऊंचाईयों पर बिठाया. इस गाने में हेलन के पाश्चात्य शैली के वस्त्र और नृत्य की भावभंगिमाओं ने दर्शकों को हेलन का दिवाना बना दिया था. फिल्म शोले में पंचम दा के निर्देशन में महबूबा महबूबाआइटम नंबर हो या डॉन का ये मेरा दिलअदाओं और उन की नृत्य शैली के दीवाने दर्शक दिल थामने को मजबूर हो जाते थे.
यहवह दौर था जब हेलन, बिंदु और अरूणा ईरानी आइटम नंबर का पर्याय मानी जाती थी. ये सभी केवल  कुशलनृत्यांगनाएंथी वरन बेहतरीन अभिनेत्रियां भी थीं. फिल्म कटी पतंग का बिंदु पर फिल्माया गया मेरा नाम शब्बो है ….आइटम नंबर को दर्शकों ने हाथों हाथ लिया था.बाद में आइटम नंबर का काम मुख्य अभिनेत्रियां ही करने लगी. श्रीदेवी मि. इंडिया में, माधुरी ने चोली के पीछे…. जैसे आइटम नंबर किए.

खासियत
आजके आइटमनंबर गीतों की खासियत है उनमें प्रयोग की जाने वाली लोक धुनें लोक वाद्ययंत्रोंका प्रयोगऔर साथ ही सामान्य, शब्दों का प्रयोग जो लोगों की जुबान पर जल्दी ही चढ़ जाते हैं साथ ही इन गीतों में पारंपरिक वस्त्र साड़ी या लहंगा चोली का प्रयोग किया जाता है ये अलग बात है कि ये वस्त्र आधे अधूरे और बदन को अधिकतम दिखाने के प्रयोग के रूप में दर्शकों के सामने आते हैं.

अभिनेता भीपीछे नहीं
आइटमनंबर की दीवानगी दर्शकों पर देखते हुए पुरूष अभिनेता भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. गुरूदत्त द्वारा निर्देशित फिल्म प्यासा का जॉनी वाकर पर फिल्माया गीत सिर जो तेरा चकराए भी इसी का एक उदाहरण है. सीआईडी १९५६ में ये है बॉम्बे मेरी जान में भी जॉनी वाकर पर इस तरह का आइटम नंबर फिल्माया गया है. १९६५ फिल्म गुमनाम का काले हैं तो क्या हुआ पर महमूद ने आइटम नंबर करके दर्शकों की वाहवाही लूटी. नए जमाने में तो अभिनेताओं में आइटम नंबर करने की होड़ लगी हुई है और वे इसे अपनी पहचान का एक जरिया बना रहे हैं. २००२ में प्रदर्शित फिल्म शक्ति में इश्क· कमीना….,    करनजौहर की फिल्म काल में इस काल काल में …… जैसे गीतों से शाहरूख खान ने आइटम नंबर क्षेत्र में धूम मचा दी वहीं फरहा खान की ओम शांति ओम के दर्दे डिस्को …… और हे बेबी में मस्त कलंदर…. से उन्होंने आइटम नंबर में भी अपना लोहा दर्शकों से मनवाया. सलमान भी शाहरूख से पीछे नहीं हैं. फिल्म दबंग मेके पांडेजी सीटी ….. से उन्होंने भी आइटम नंबर करने वाले अभिनेताओं में अपना नाम दर्ज करवा लिया. आमिर ने भी फिल्म देल्ही बेली के आइटम नंबर आई हेट यू लाइक आइ लव यू में एक डिस्को डांसरका रोलनिभा कर साबित कर दिया है कि वे भी किसी से कम नहीं है.

लेटेस्ट आइटमगर्ल
आधुनिक आइटमगर्ल की बात करें तो कैटरीना चिकनी चमेली और शीला की जवानी जैसे आइटम नंबर करके अपने जलवे दिखा चुकी है. वहीं छैंया छैंया से हिन्दी सिने दर्शकों पर अपनी छाप छोडऩे वाली मलाइका अरोड़ा ने भी मुन्नी बदनाम हुई और झंडू बाम …. जैसे आइटम नंबर करके इस क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी है. शीला की जवानी कैटरीना कैफ का पर्याय बन गया था. वर्ष २०१० में प्रदर्शित फिल्म तीसमार खां के बाद इसी प्रकार मलाइका अरोड़ा का मुन्नी बदनाम हुई दबंग २०१०, चिकनी चमेली कैटरीना कैफ का आइटम नंबर जो कि २०१२ में प्रदर्शित अग्निपथ में फिल्माया गया था काफी लोकप्रिय हुआ. पानी वाला डांस सनी लियोन २०१५ की कुछ कुछ लोचा है का आइटम नंबर भी काफी लोकप्रिय हुआ. हाल ही प्रदर्शित दिल धड़कने दो का अनुष्का शर्मा पर फिल्माया गया गर्ल लाइक टू स्विंग भी पॉपुलर आइटम नंबर है. २०१३ चेन्नई एक्सप्रेस का लुंगी डांस उंगली २०१४ का इमरान हाशमी पर फिल्माया डांस बसंती भी खासे लोकप्रिय आइटम नंबर  रहे.

आइटमनंबर की बात हो और राखी सावंत और याना गुप्ता को भुला दिया जाए संभव ही नहीं है परंतु इनके आइटम नंबर बी और सी ग्रेड की फिल्मों में ज्यादा फिल्माए गए हैं. फरहा खान जो कि निर्देशक के साथकोरियोग्राफरभी हैं कहती हैं समय के साथ जब सब कुछ बदल रहा है तो नृत्य क्यूं नहीं और सिनेमा तो दर्शकों की रूचि के अनुरूप ही अपने आप को बदलता रहा है. आइटम नंबर व्यवसायिक कारणों से जोड़ा जाता है यह दर्शकों को थिएटर तक खींच कर लाने में एक महत्वपूर्ण वजह है.

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