अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानव ठक्कर

छोटी सी आयु में ही भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाने वाले, देश के तिरंगे को ऊंचा फहराने का स्वप्र आंखों में संजोए पूरी ताकत से बैट से बॉल को उछालकर कलात्मक स्ट्रोक खेलते हुए सूरत निवासी मानव से हमारी महक को बातचीत करने का अवसर प्राप्त हुआ. मात्र १५ वर्ष की आयु में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताïओं में तिरंगा फहराकर स्वर्ण पदक को अपने नाम करने वाले मानव ठक्कर टेबल टेनिस के उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं और भविष्य में इस खेल में भारत की उम्मीद भी.

मानव के मम्मी पापा बताते हैं कि मानव को टेबल टेनिस खेलने की रूचि बचपन से ही हो गई थी. वैसे तो मानव के पिताजी विकास ठक्कर पेशे से नेत्र चिकित्सक हैं और मां कल्पना महिला फिटनेस सेंटर चलाती हैं. उन दोनों को ही खाली समय में टेबल टेनिस खेलना पसंद है उन्हें खेलते देखकर मात्र तीन वर्ष की आयु से ही मानव की भी इसमें रूचि होने लगी. उसकी रूचि देखकर माता पिता उसे टेबल टेनिस के कोच वाहिद मालुभाई के पास ले गए. कोच ने देखा कि बच्चे की आयु भी काफी कम है साथ ही वह टेबल की ऊंचाई तक भी नहीं पहुंचïता है. ये देखकर उन्होंने उसे कोचिंग देने से मना कर दिया लेकिन जब उसने कोच के साथ एक गेम खेला तो कोच ने उसे तुरंत अपनी कोचिंग में शामिल कर लिया. बस तभी से मानव का उठा हुआ बल्ला सतत खेल रहा है. १५ वर्ष की कम आयु में मानव ने ढेरों राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं, राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक अपने नाम करके अपने साथ साथ देश को भी गौरवांवित किया है.

इस समय मानव पेट्रोलियम स्पोर्टïस बोर्ड प्रमोशन की छात्रवृत्ति के साथ अजमेर में रहते हैं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं. अथक परिश्रम करने वाले मानव की विजेता सूची काफीï लंबी है. वर्तमान में मानव अंडर १५ समूह की प्रथम वरीयता के साथ टेबल टेनिस में देश के नम्बर एक खिलाड़ी हैं.साथ ही अंडर १८ के समूह में जूनियर बॉयज में भी उनका प्रथम स्थान है. अंडर २१ के समूह में यूथ बॅायज में भी उनका प्रथम स्थान है.

उन्होंने साउथ एशियन जूनियर कैडेट बॉयज अंडर १५ में २०१४ और २०१५ का स्वर्ण पदक अपने नाम करके सूरत का नाम रोशन किया है. ये प्रतियोगिताएं २०१४ की इस्लामाबाद, पाकिस्तान और २०१५ की दिल्ली, भारत में आयोजित की गई थी.

मानव अपने खेल के साथ साथ पढ़ाई को भी पूरा समय देते हैं. उनके मनपसंद खाने में पंजाबी फूड की सभी डिशेज शामिल हैं. टी वी के बारे में पूछने पर कहते हैं टीवी देखने का समय ही नहीं मिल पाता है. आज भी कम से कम १२ घंटे प्रतिदिन अभ्यास करने वाले मानव का लक्ष्य २०२० में जापान में होने वाले ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतने का है.

हमारी महक की तरफ से मानव ठककर को उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं व प्रार्थना कि आने वाले ओलम्पिक में मानव को तिरंगा फहराने का अवसर प्राप्त हो.

२०१३-१४ – प्रथम स्थान – नेशनल रैकिंग चैम्पियनशिप

२०१४ – स्वर्ण पदक – सब जूनियर बायॅज सिंग्ल्स एंड डबल्स

२०१४ – स्वर्ण पदक – बॉयज पाकिस्तान और भारत

२०१५ – प्रथम स्थान – सब जूनियर बॉयज अंडर-१५

२०१५ – स्वर्ण पदक – साऊथ एशियन जूनियर कैडेट

२०१५ प्रथम स्थान भारत, अंडर १५

प्रथम स्थान भारत, जूनियर बॉयज अंडर १८

प्रथम स्थान भारत, यूथ बॉयज अंडर २१

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